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कंचनार गुग्गुलु का उपयोग, लक्षण और मात्रा क्या है? What is the use, indication and dose of Kanchanar Guggulu?

  कंचनार गुग्गुलु क्या है?  कंचनार गुग्गुलु मुख्यता एक आयुर्वेदिक औषधि है। कंचनार गुग्गुलु को कचनार गुग्गुलु के नाम से भी जाना जाता है। यह ए...

 कंचनार गुग्गुलु क्या है? 



कंचनार गुग्गुलु मुख्यता एक आयुर्वेदिक औषधि है। कंचनार गुग्गुलु को कचनार गुग्गुलु के नाम से भी जाना जाता है। यह एक हर्बल औषधि है। जिसका वर्णन भैसज्रत्नावली के अध्याय 44 में किया गया है। जिसका प्रयोग हाइपोथाइरॉएडिज्म और हार्मोनल इंबैलेंस और जोड़ों के दर्द में भी किया जाता है। 

लक्षण

मुख्यतः कंचनार गुग्गुलु का लक्षण गलागंड (cervical lymphadenitis) , अपची ( Fibroids,cyst), अर्बुद (Tumor), ग्रंथि (tumor, Fibroids), व्रण (ulcer, wound), गुल्म (abdominal tumor, distension), कुष्ठ (skin disease) और भगंदर (Fistula in ano) होता है।

मात्रा

कंचनार गुग्गुलु दो टेबलेट दिन भर में दो से तीन बार देना चाहिए। 5 साल से कम उम्र के बच्चों को आधा टेबलेट से एक टेबलेट देना चाहिए, दिन में दो बार खाना खाने के बाद। 5 साल से 12 साल के उम्र के बच्चों को एक टेबलेट से दो टेबलेट दिन में तीन टाइम देना चाहिए खाना खाने के बाद। 12 साल से 18 साल के व्यक्ति को एक से दो टैबलेट देना चाहिए दिन में तीन बार खाना खाने के बाद।

यह लगभग 1 से 3 महीने तक लगातार सेवन करने के बाद या फिर बीमारी के अनुसार इसका सेवन करने से इस बीमारी में जल्दी लाभ मिलता है ।लेकिन ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि इसका परिणाम 3 महीने बाद देखने को मिलता है।

उपयोग

कंचनार गुग्गुलु का उपयोग अर्बुद, चर्म रोग, बवासीर, मोटापा, अस्थमा, थायराइड, पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज, मासिक धर्म बीमारी, सर्दी, जुकाम, गले में सूजन और लीवर की गांठ और शरीर में कहीं भी गांठ को कम करने के लिए किया जाता है।

उपयोग नहीं करना चाहिए

इंगुइनल हर्निया, कैंसर, मुंह के छाले, आंख के रोगों , वेरीकोसील में।

साइड इफेक्ट

ऐसे व्यक्ति जिसको पेट से संबंधित बीमारी हो उस समय कंचनार गुग्गुलु खाने से थोड़ा बहुत गैस्ट्रिक प्रॉब्लम और सर दर्द हो सकता है। यदि कोई महिला अपने बच्चे को दूध पिलाती है उस समय चिकित्सक की देखरेख में कंचनार गुग्गुलु का उपयोग किया जा सकता है।

गर्भावस्था

कंचनार गुग्गुलु का उपयोग गर्भावस्था में नहीं करना चाहिए। और यदि कोई डॉक्टर इसका उपयोग करने को कहता है तो कुछ समय के लिए या फिर कुछ सप्ताह के लिए क्योंकि कम समय में उपयोग के लिए कोई भी साइड इफेक्ट अभी तक नहीं बताया गया है।

सामग्री

कंचनार गुग्गुलु बनाने के लिए कांचनार 240 ग्राम, आद्रक 48 ग्राम, मरीच 48 ग्राम, पीपली 48 ग्राम, हरीतकी 24 ग्राम, बिभितकी 24 ग्राम, अमलकी 24 ग्राम, वरुण 12 ग्राम, इलायची 3 ग्राम, त्वक 3 ग्राम, पत्र 3 ग्राम, गुग्गुलु 477 ग्राम।

बनाने की विधि

दिए गए सभी सामग्री को अलग-अलग पाउडर बनाकर सुखा लेना है। उसके बाद सबको अलग-अलग वजन कर लेना है फिर साथ में मिक्स कर देना है। फिर शुद्ध गुग्गुलु को लेकर सभी सामग्री के पाउडर में मिला देना है और अच्छे से मिक्स कर लेना है। जब यह semi-solid अवस्था में आ जाएं तब उसको रोल करके उसका वटी बना लेंगे।